धर्म

फि‍र शुरू होगी समुद्र से हज यात्रा -केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी !

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि आने वाले दिनों में समुद्री मार्ग से हज यात्रा दोबारा शुरू कराने हेतु सक्रिय विचार चल रहा है और इस संबंध में पोत परिवहन मंत्रालय से बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

गोमांस खाने से होता है कैंसर वो दिल की बीमारी का भारी खतरा, सुख-चैन नहीं मिलता जीवन में – महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. उमाकंतानंद सरस्वती...

"गोमांस खाने से होता है कैंसर का भारी खतरा, सुख-चैन भी नहीं मिलता जीवन में " समाज विकास संवाद के प्रतिनिधि सौमेन ऍम. से एक विशेष मुलाखत के दौरान ऐसा दाबा किया है गोरक्ष नाथ पीठ के पीठाधीश महंत योगी आदित्य नाथ जी के परम परिचित एवं  हरिद्वार के जुना आखारा के महामंडलेश्वर स्वामीजी डॉ. उमाकंतानंद सरस्वती ! राष्ट्र धर्म संरक्षण के प्रति जिनकी अवदान अतुलनीय है !

উত্তর প্রদেশ এর মুখ্যমন্ত্রী যোগী আদিত্যনাথ-বঙ্গের সঙ্গে তার কিভাবে যোগাযোগ !

উত্তরপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী হলেন গোরক্ষনাথ মন্দিরের পীঠাধীশ্বর ও মহন্ত যোগী আদিত্যনাথ। কে এই যোগী? খবরের কাগজে নিউজ চ্যানেলে তো অনেক কিছুই ভেসে আসছে... জানেন কি কিছু, এই যোগী সম্প্রদায় এবং গোরক্ষনাথ মন্দির ও মঠ সম্বন্ধে? বা ; বঙ্গের সঙ্গে তার কিভাবে যোগাযোগ !  

JALLIKATTU” is Protected under Article 29(1) of the Constitution – Dr. Swami Appeals to court.

Jallikattu is also known as Manju Virattu (running of bulls) or Vada Manju Virattu in certain regions of Tamil Nadu.  Before Jallikattu, the bulls are taken in procession and a hero’s welcome and veneration of the holy are accorded to every one of them by the villagers and visitors.
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JALLIKATTU – an ancient religious & cultural event for Tamil Communities.

According to the Ancient Tamil Literature Jallikattu was known as “eru thazhuvuthal” (hugging the bulls) in in Tamil Nadu during ancient times.This practice has clearly recorded  in the Sangam Literature of Tamils.

मकर संक्राति के मौके पर पतंग उड़ाने में प्रयोग आने वाले नायलोन मांजा पर लगा बैन!

मकर संक्राति के मौके पर पतंग उड़ाने में प्रयोग आने वाले नायलान के मांजा की बिक्री और उपयोग करने पर सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार ने यह निर्णय नायलोन के मांजा से मानव और पक्षियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए लिया है।